कोई बुद्ध हुआ होता पतंगों में, देता ज्ञान उनको.. करते क्यों हो भस्म स्वयं को तुम, अज्ञानता और मोह से उपजता दुःख है.. बुद्ध ज्ञानी थे.. तभी छोड़ सके थे प्रिय पिता को, पत्नी को और पुत्र राहुल को फिर क्या खोजा बैठ पीपल के नीचे.. मोहग्रस्त होने पर, ज्ञान काम नहीं करता है.. तिल तिल करके मरता व्यक्ति नित नए संकट खड़ा करता है.. अज्ञानता नहीं, संवेदना होती दुखों का कारण, उपजती हृदय में पीड़ा से.. ©डॉ. सुनील जय श्री कृष्ण!
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