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अगस्त, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
चोपड़ा के धारावाहिक महाभारत में भीष्म का किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना यूट्यूब पर अपने विचार डालते रहते हैं। भीष्म ने तो एक बार प्रतिज्ञा की और जीवन भर उस पर अफ़सोस किया या उनमें शक्ति नहीं थी कि वह अपनी प्रतिज्ञा तोड़कर समाज की रक्षा करते क्योंकि कुरुक्षेत्र में मात्र कोई पारिवारिक विवाद का समाधान नहीं हुआ बल्कि एक सभ्यता पूरी तरह से नष्ट हो गई। मुकेश खन्ना आजकल राजीव दीक्षित पर बोल रहे हैं। राजीव दीक्षित ने अच्छे उपाय दिए हैं किंतु आपातकाल में उनके भरोसे रहे तो विपत्ति बढ़ना तय है। अपनी उसी पोस्ट को यहाँ लिख रहे हैं जिससे समझ बढ़े। ***निस्संदेह नब्बे के दशक जैसा महाभारत अब बन पाना संभव नहीं है। इसका एक कारण यह था कि धारावाहिक के सभी पात्र अपने अभिनय के प्रति ईमानदार और समर्पित थे। अगर मुकेश खन्ना ने भीष्म के किरदार में प्राण फूँक दिए तो बाकी अभिनेता भी एक से बढ़कर एक रहे। फिरोज खान अर्जुन लगता है और नितीश भारद्वाज पूरी तरह से कृष्ण रूप में दिखाई पड़ते हैं। दूसरा कारण यह है कि वह समय अलग था। लोग सीधे थे और अपने काम से मतलब रखते थे। कह सकते हैं कि लोगों के पास टीवी देखने के लिए पर्याप्त ...