Happy Deepavali
राम पितृ भक्त हैं, प्रतिज्ञाबद्ध हैं और मर्यादा प्रेमी हैं..
पितृ भक्त हैं इसलिए वन जाते हैं,
प्रतिज्ञाबद्ध हैं इसलिए चौदह साल वन में रहते हैं,
मर्यादा प्रेमी हैं इसलिए दिए वचनों का पालन करते हैं..
प्रभु के आगमन से अमावस्या की घनी रात भी दीपों की अवलि से जगमगा उठती है..
जामवंत कह सुनु रघुराया।
जा पर नाथ करहु तुम्ह दाया।।
ताहि सदा सुभ कुसल निरंतर।
सुर नर मुनि प्रसन्न ता ऊपर।।
दीपावली पर्व की हार्दिक बधाई!
♥डॉ. सुनील
जय श्री कृष्ण!
पितृ भक्त हैं इसलिए वन जाते हैं,
प्रतिज्ञाबद्ध हैं इसलिए चौदह साल वन में रहते हैं,
मर्यादा प्रेमी हैं इसलिए दिए वचनों का पालन करते हैं..
प्रभु के आगमन से अमावस्या की घनी रात भी दीपों की अवलि से जगमगा उठती है..
जामवंत कह सुनु रघुराया।
जा पर नाथ करहु तुम्ह दाया।।
ताहि सदा सुभ कुसल निरंतर।
सुर नर मुनि प्रसन्न ता ऊपर।।
दीपावली पर्व की हार्दिक बधाई!
♥डॉ. सुनील
जय श्री कृष्ण!
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