Children's duty! Children's right!
ज्यों ज्यों संतानों की संख्या बढ़ती है ,
संतानों के प्रति जनकों के अधिकार कम और कर्तव्य अधिक बढ़ते हैं..
बाद की संतानें अपनी उत्पत्ति के लिए दोष दे सकती हैं कि अगर आप हमें सुख नहीं दे सकते थे तो इस दुःखमय संसार में क्यों लाए..
बाद की संतानें माता-पिता के अधिकार कम
दायित्व अधिक होती हैं..
©डॉ. सुनील
जय श्री कृष्ण!
संतानों के प्रति जनकों के अधिकार कम और कर्तव्य अधिक बढ़ते हैं..
बाद की संतानें अपनी उत्पत्ति के लिए दोष दे सकती हैं कि अगर आप हमें सुख नहीं दे सकते थे तो इस दुःखमय संसार में क्यों लाए..
बाद की संतानें माता-पिता के अधिकार कम
दायित्व अधिक होती हैं..
©डॉ. सुनील
जय श्री कृष्ण!
👌👌👌
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